Overview
भारतीय संस्कृति पर प्रत्यक्ष रूप से विभिन्न युगों की सांस्कृतिक प्रवृतियों की छाप पड़ी है प्रत्येक युग में संगीत की विभिन्न प्रवृत्तियों और भूमिकाओं का भारतीय संस्कृति पर अलग-अलग प्रभाव पड़ा है। संगीत के किस रूप के किस युग में क्या भूमिकाएं रही है और समाज व संस्कृति के लिए उसकी क्या उपियोगिता और प्रासंगिकता रही यह संगीत के लिए एक चुनौती बना रहा। इन सभी बातों पर विचार करते हुए संगीत को सदैव समाज और संस्कृति में आए बदलावों और रूझानों के अनुरूप ही समाज के समक्ष रखने का प्रयास किया और उसकी भूमिका को अग्रणी स्थान दिया। संगीत के संदर्भ में वस्तुत वही अनुसंधानात्मक दृष्टि उसे हर बद]लते युग में प्रासंगिक बनाती रही।
- | Author: Vinod Sharma
- | Publisher: Wkrishind
- | Publication Date: Dec 11, 2023
- | Number of Pages: 208 pages
- | Binding: Hardback or Cased Book
- | ISBN-10: 819681853X
- | ISBN-13: 9788196818531