महीयसी महादेवी की संपूर्ण काव्य-यात्रा न सिर्फ़ आधुनिक हिन्दी कविता का इतिहास बनने की साक्षी है, भारतीय मनीषा की महिमा का भी वह जीवन्त प्रतीक है। उनकी कविताएं हिन्दी साहित्य की एक सार्थक कालजयी उपलब्धि हैं। छायावाद की इस कवयित्री की हिन्दी साहित्य में अपनी एक अनूठी पहचान है। 'दीप' महादेवी जी का प्रिय प्रतीक था। अंधेरे में आलोक को नए-नए अर्थ देतीं 'दीपगीत' की कविताएं मानवीय करुणा को रेखांकित करती हैं।
- | Author: Mahadevi Verma
- | Publisher: Rajpal
- | Publication Date: Jan 01, 2014
- | Number of Pages: 104 pages
- | Binding: Hardback or Cased Book
- | ISBN-10: 8170284945
- | ISBN-13: 9788170284949
- Author:
- Mahadevi Verma
- Publisher:
- Rajpal
- Publication Date:
- Jan 01, 2014
- Number of pages:
- 104 pages
- Binding:
- Hardback or Cased Book
- ISBN-10:
- 8170284945
- ISBN-13:
- 9788170284949