Ved Aur Svasamved (वेद और स्वसंवेद)

Diamond Pocket Books Pvt Ltd
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9789350832844
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ISBN13:
9789350832844
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वेद भारत के प्राचीनतम ग्रन्थ हैं और भारत के ही नहीं वरन् समूचे विश्व के प्राचीनतम ग्रन्थ हैं जो साफ-सुथरी भाषा में लिखे गए हैं। वेद में कौन-सा ज्ञान भरा है, इस विषय में जानने की लालसा सभी हिन्दुओं को रहती है। कुछ लोग उन्हें ईश्वरीय ज्ञान कहते हैं। एक तरह से हम यह कह सकते हैं कि जब दस-पन्द्रह हजार वर्ष पूर्व पूरी पृथ्वी हिंसक वन मानुषों से भरी थी, तब अवश्य ही भारत के सहनशील आदिम मनुष्य जाति को देख परमेश्वर की यह महान कृपा रही होगी कि उन्होंने इस आर्य जाति को इतने ऊँचे ज्ञान के लिए चुना, जैसे आज पाश्चात्य देशों को विज्ञान के लिए चुना गया है। ऐसा लगता है कि मनुष्य जितनी ऊँची प्रतिभा अपने भीतर चमका लेता है, परमेश्वर की ओर से उतने ही ज्ञान का वह अधिकारी बन जाता है। वेदों में समूची सृष्टि के संबंध में प्रकाश डाला गया है। मनुष्य कैसे पृथ्वी पर आया, कहां से आया और कब आया, कब तक वह यहां रहेगा, फिर उसका अगला विकास कहां-कैसे होगा और किसकी निगरानी में यह सब कार्य हो रहा है, इन अत्यन्त गूढ़ विषयों को इस पुस्तक में बहुत ही सरल ढंग से समझाया गया है।


  • | Author: Budhi Prakash Bajpai
  • | Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
  • | Publication Date: Sep 30, 2025
  • | Number of Pages: 452 pages
  • | Binding: Hardback or Cased Book
  • | ISBN-10: 9350832844
  • | ISBN-13: 9789350832844
Author:
Budhi Prakash Bajpai
Publisher:
Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Publication Date:
Sep 30, 2025
Number of pages:
452 pages
Binding:
Hardback or Cased Book
ISBN-10:
9350832844
ISBN-13:
9789350832844