काहे मन अनुरागी
Pencil
ISBN13:
9789354581274
$15.38
निःसंदेह कविता ही वह सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा बेज़ुबान भावों की पूर्ण अभिव्यक्ति सम्भव है । इसीलिए जब अपने मन के अव्यक्त भावों की अभिव्यक्ति की कश्मकश में कुछ लिखना आरंभ किया तो कलम ने भी अपनी गति और दिशा पकड़ ली । काव्य लेखन की तमाम मान्यताओं, नियमों, छंदों, मानदंडों, कसौटी आदि की बंदिशों - दायरों से परे मात्र अभिव्यक्ति के संतोष भाव की पूर्णता ने हृदय को सभी चिंताओं से मुक्त कर दिया । त्रुटियाँ करना इंसान होने की अनिवार्य योग्यता है तो इससे दूर कैसे रहा जा सकता है । परंतु यह भी सच है कि हमारी यही कमियाँ हमें भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं । इस पुस्तक के माध्यम से कुछ ऐसे ही प्रयास का आरंभ तो कर रहा हूँ, अब अन्त ना जाने कहाँ होगा ? परंतु आप सभी के विचार, सुझाव, टिप्पणियों, सद्भावनाओं और आशीर्वाद की चाहत सदैव बनी रहेगी । rajesh.bwn@gmail.com
- | Author: Rajesh Sharma
- | Publisher: Pencil
- | Publication Date: Jul 15, 2021
- | Number of Pages: 92 pages
- | Binding: Paperback or Softback
- | ISBN-10: 9354581277
- | ISBN-13: 9789354581274
- Author:
- Rajesh Sharma
- Publisher:
- Pencil
- Publication Date:
- Jul 15, 2021
- Number of pages:
- 92 pages
- Binding:
- Paperback or Softback
- ISBN-10:
- 9354581277
- ISBN-13:
- 9789354581274