जीवन के अनेकों पहलुओं को संजोये रखने की एक छोटी सी कोशिश। 'सदा-ए-असद' किस्सा बयां करती है हमारी पहचान और हमारे समाज के बदलते चरित्र का। दिलों का दिलों से रूठना और कई पड़ावों पर जीवन में उथल-पुथल को एक छोटी सी किताब में नात, नज़्म और ग़ज़लों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की एक छोटी सी कोशिश की गयी है। एक-एक कविता को समय के एक-एक लिफाफे की तरह पेश किया गया है। उम्मीद है सुख़न की चाहत रखने वाले मेरे दोस्तों को यह कोशिश पसन्द आएगी और मेरे सम्पूर्ण विश्व की जनता जनार्दन इस कोशिश को कामयाब करेगी। धन्यवाद