कलम के कदम - सोच से स्याही तक का सफ़र एक आत्मीय कवितासंग्रह है, जिसमें लेखिका ने जीवन के अनुभवों, भावनाओं और समय की छाया को सहेजा है। ये कविताएँ कभी मन की हलचल हैं, कभी जीवन के दर्पण की परछाइयाँ। हर पंक्ति में संवेदना है, और हर कविता में आत्ममंथन का रंग। यह पुस्तक उन सभी पाठकों के लिए है जो शब्दों में जीवन की सच्चाई तलाशते हैं।