तंत्र से सत्य तक: कठिन प्र
CreateSpace Independent Publishing Platform
ISBN13:
9781984094933
$12.91
संजय गुप्ता ने कुछ कठिन सवालों के वास्तविक जवाबों को उजागर करने के लिए एक सच्चे साधक की यात्रा शुरू की, जो हमारे जीवन में बार-बार उजागर होते है। जैसे - हमारी सबसे बड़ी प्राप्य शक्ति क्या है?- हमारी सबसे बड़ी इच्छा क्या है?- हमारा सबसे बड़ा प्राप्य खजाना क्या है?लेकिन भविष्यवाणी करना सदियों पुराने प्रश्नों की एक तिकड़ी है जो बार-बार सतह पर आती हैं -हमें किसने बनाया?क्या मृत्यु के बाद जीवन है?जीवन में हमारा उद्देश्य क्या है?इस पुस्तक की आध्यात्मिक गहराई और सच्चा लेखन, प्रेरित करता और शिक्षित करता है क्योंकि यह हमारी छिपी भावनाओं और आशंकाओं को उजागर करता है, और एक सच्चे साधक के लिए भगवान की योजना, उद्देश्य और अनुग्रह की जांच करता है। इस तरह से शुरू होने वाली यात्रा के रूप में यह सोच की एक नई रेखा को प्रकट करता है, जो न केवल ताजा जानकारी का खुलासा करने में समाप्त होती है, बल्कि संभवतः समझ का एक पूर्ण परिवर्तन है।एक बार इन उत्तरों को जान लिया जाए तो हमारे दिल को शांति और आनंद मिल सकता है।
- | Author: गुप्तì
- | Publisher: Createspace Independent Publishing Platform
- | Publication Date: Jun 02, 2019
- | Number of Pages: 246 pages
- | Binding: Paperback or Softback
- | ISBN-10: 1984094939
- | ISBN-13: 9781984094933
- Author:
- ग
- Publisher:
- Createspace Independent Publishing Platform
- Publication Date:
- Jun 02, 2019
- Number of pages:
- 246 pages
- Binding:
- Paperback or Softback
- ISBN-10:
- 1984094939
- ISBN-13:
- 9781984094933