21 Shreshth Kahaniyan (21 श्रेष्ठ कहानियां)

Diamond Pocket Books Pvt Ltd
SKU:
9788128821868
|
ISBN13:
9788128821868
$16.30
(No reviews yet)
Usually Ships in 24hrs
Current Stock:
Estimated Delivery by: | Fastest delivery by:
Adding to cart… The item has been added
Buy ebook
प्रेमचंद ने हिन्दी कहानी को एक निश्चित परिप्रेक्ष्य और कलात्मक आधार दिया। उनकी कहानियां परिवेश बुनती है। पात्र चुनती है। उसके संवाद बिकल उसी भाव-भूमि से लिए जाते हैं जिस भाव-भूमि में घटना घट रही है। इसलिए पाठक कहानी के साथ अनुस्तुत हो जाता है। इसलिए प्रेमचंद यथार्थवादी कहानीकार हैं। लेकिन वे घटना को ज्यों का त्यों लिखने को कहानी नहीं मानते। यही वजह है कि उनकी कहानियों में आदर्श और यथार्थ का गंगा-यमुनी संगम है।कथाकार के रूप में प्रेमचंद अपने जीवनकाल में ही किंवदंती बन गए थे। उन्होंने मुख्यत ग्रामीण एवं नागरिक सामाजिक जीवन को कहानियों का विषय बनाया है। उनकी कथायात्रा में श्रमिक विकास के लक्षण स्पष्ट हैं, यह विकास वस्तु विचार, अनुभव तथा शिल्प सभी स्तरों पर अनुभव किया जा सकता है। उनका मानवतावाद अमूर्त भावात्मक नहीं, अपितु उसका आधार एक प्रकार का सुसंगत यथार्थवाद है।


  • | Author: Munshi Premchand
  • | Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
  • | Publication Date: Aug 05, 2021
  • | Number of Pages: 174 pages
  • | Binding: Paperback or Softback
  • | ISBN-10: 8128821865
  • | ISBN-13: 9788128821868
Author:
Munshi Premchand
Publisher:
Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Publication Date:
Aug 05, 2021
Number of pages:
174 pages
Binding:
Paperback or Softback
ISBN-10:
8128821865
ISBN-13:
9788128821868