Bade Ghar Ki Beti Aur Anya Kahaniyaan

Rajpal & Sons
SKU:
9788174831613
|
ISBN13:
9788174831613
$19.98
(No reviews yet)
Usually Ships in 24hrs
Current Stock:
Estimated Delivery by: | Fastest delivery by:
Adding to cart… The item has been added
Buy ebook
प्रेमचंद निस्संदेह हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ कहानीकार थे जिनकी गणना विश्वस्तरीय साहित्यकारों में होती है। अपने जीवनकाल में उन्होंने 250 से अधिक कहानियाँ लिखीं जो मुख्यतः उस समय के समाज के यथार्थ को दर्शाती हैं। इनमें बालविवाह, गरीबी, भुखमरी, ज़मींदारों के अत्याचार के खिलाफ एक जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। यथार्थ की इन सच्चाईयों से रू-ब-रू कराती कहानियों को पढ़ते हुए पाठक पूरी तरह से खो जाता है। ये कहानियाँ आज भी उतनी ही सामयिक हैं जितनी सौ साल पहले थीं। कहानियों के अतिरिक्त प्रेमचंद ने चैदह उपन्यास और अनगिनत निबंध लिखे। उन्होंने अन्य भाषाओं की कुछ पुस्तकों को भी हिन्दी में अनुदित किया।


  • | Author: Premchand
  • | Publisher: Rajpal & Sons
  • | Publication Date: Jan 01, 2018
  • | Number of Pages: 210 pages
  • | Binding: Paperback or Softback
  • | ISBN-10: 8174831614
  • | ISBN-13: 9788174831613
Author:
Premchand
Publisher:
Rajpal & Sons
Publication Date:
Jan 01, 2018
Number of pages:
210 pages
Binding:
Paperback or Softback
ISBN-10:
8174831614
ISBN-13:
9788174831613