Dhyan Ke Kamal (ध्यान के कमल)
Diamond Books
ISBN13:
9788184191301
$14.46
ओशो के प्रखर विचारों ने, ओजस्वी वाणी ने मनुष्यता के दुश्मनों पर, संप्रदायों पर, मठाधीशों पर, अंधे राजनेताओं पर, जोरदार प्रहार किया। लेकिन पत्र-पत्रिकाओं ने छापीं या तो ओशो पर चटपटी मनगढंत खबरें या उनकी निंदा की, भ्रम के बादल फैलाए। ये भ्रम के बादल आड़े आ गये ओशो और लोगों के। जैसे सूरज के आगे बादल आ जाते हैं। इससे देर हुई। इससे देर हो रही है मनुष्य के सौभाग्य को मनुष्य तक पहुंचने में।
- | Author: Osho
- | Publisher: Diamond Books
- | Publication Date: Nov 08, 2021
- | Number of Pages: 130 pages
- | Binding: Paperback or Softback
- | ISBN-10: 8184191308
- | ISBN-13: 9788184191301
- Author:
- Osho
- Publisher:
- Diamond Books
- Publication Date:
- Nov 08, 2021
- Number of pages:
- 130 pages
- Binding:
- Paperback or Softback
- ISBN-10:
- 8184191308
- ISBN-13:
- 9788184191301