चरणारविन्दे
Pencil (One Point Six Technologies Pvt Ltd)
ISBN13:
9789354585272
$19.06
मानव मन का स्वभाव है दुख सुख में ईश्वर का स्मरण करना । विशेष रूप से कष्ट पड़ने पर वह भगवान की शरण में जाता है । इस भव सागर से पार उतरने का वही एकमात्र आश्रय है । बड़े बड़े ऋषि मुनियों तथा विद्वानों ने एकमत से स्वीकार किया है - कलियुग केवल नाम अधारा । कलियुग में सभी कठिनाइयों के निवारण का, सन्मार्ग पर चलने का एक ही मार्ग है - ईश्वर का भजन । चाहे वह श्याम सुंदर कृष्ण हों, राम हो, शिव हों या जगज्जननी माता । आराध्य कोई भी हो आराधना का सर्व प्रचलित तथा सुगम उपाय भजन करना ही है । प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न सरस भजनों का कवित्री द्वारा सृजन किया गया है । आइये, पढिये, भजन कीजिये और भक्तिरस में डूब जाइये ।
- | Author: डॉ. रंजन
- | Publisher: Pencil (One Point Six Technologies Pvt Ltd)
- | Publication Date: Oct 20, 2021
- | Number of Pages: 192 pages
- | Binding: Paperback or Softback
- | ISBN-10: 9354585272
- | ISBN-13: 9789354585272
- Author:
- डॉ. रंजन
- Publisher:
- Pencil (One Point Six Technologies Pvt Ltd)
- Publication Date:
- Oct 20, 2021
- Number of pages:
- 192 pages
- Binding:
- Paperback or Softback
- ISBN-10:
- 9354585272
- ISBN-13:
- 9789354585272