Jayprakash: Parivartarn KI Vaichariki - Hardback

Pralek Prakashan
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9789358696295
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ISBN13:
9789358696295
$19.06
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वास्तव में जेपी की विचारयात्रा में बीसवीं सदी की प्रमुख राजनीतिक-आर्थिक विचार-सरणियों से गाढ़ा परिचय प्राप्त हो जाता है। आप औपनिवेशिक तथा उत्तर-औपनिवेशिक भारतीय राजनीतिक चिंतन एवं उनके संघर्षशील कार्यान्वितियों एवं उद्यमों तथा जन-अभिक्रमों का विश्वस्त एवं प्रामाणिक विवरण प्राप्त कर सकते हैं। जयप्रकाश के परिवर्तन की वैचारिकी वास्तव में नई राजनीतिक व्यवस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था के संधान में भी समान रूप से प्रयुक्त हुई है। स्वतंत्रता, समानता तथा नैतिक और आध्यात्मिक मूल्य इस वैचारिकी की मूल प्रेरणाएँ हैं, और सत्य, न्याय और शांतिमयता का आग्रह इसकी चालक शक्ति। जयप्रकाश एक ऐसी शोषणविहीन, सद्भावपूर्ण मानवीय व्यवस्था का आवाहन करते हैं जिसमें अधिकतम लोग अपना अधिकतम शासन कर सकें, जिसमें मानव जीवन और अस्तित्व अपने सुन्दरतम रूप में निखर आए।


  • | Author: Shivdayal
  • | Publisher: Pralek Prakashan
  • | Publication Date: Jul 31, 2025
  • | Number of Pages: 180 pages
  • | Binding: Hardback or Cased Book
  • | ISBN-10: 935869629X
  • | ISBN-13: 9789358696295
Author:
Shivdayal
Publisher:
Pralek Prakashan
Publication Date:
Jul 31, 2025
Number of pages:
180 pages
Binding:
Hardback or Cased Book
ISBN-10:
935869629X
ISBN-13:
9789358696295