Raj Singh - (Hardback or Cased Book)
Prabhakar Prakashan Private Limited
ISBN13:
9789367935712
$38.60
नगर में सबसे गुलज़ार चाँदनी चौक है। वहाँ राजपूत या तुर्क घुड़सवार जगह-जगह पहरा दे रहे हैं। संसार की सब तरह की मूल्यवान चीजें दुकानों में तह-की-तह सजाकर रखी हुई हैं। कहीं कंचनियाँ राह में लोगों की भीड़ जमा कर सारंगी के स्वर पर नाच रही हैं, गा रही हैं। कहीं जादूगर जादू का खेल दिखा रहा है। प्रत्येक के पास सैकड़ों दर्शक घेरकर खड़े तमाशा देख रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ ज्योतिषियों को घेरे हैं। मुग़ल बादशाहों के समय ज्योतिषियों का जैसा आदर था, वैसा शायद और कभी नहीं हुआ। हिंदू या मुसलमान सभी उनका समान आदर करते थे। मुग़ल बादशाह लोग ज्योतिषशास्त्र के बिलकुल ही वशीभूत थे; उसकी गणना जाने बिना वे किसी बड़े काम में हाथ नहीं लगाते थे। जो सब घटनाएँ इस ग्रंथ में वर्णित हुई हैं, उनके कुछ बाद औरंगजेब के छोटे लड़के अकबर राज-विद्रोही हो गए थे। पचास हज़ार राजपूत सेना उनकी सहायक थी, औरंगजेब के साथ बहुत थोड़ी सेना थी। किंतु ज्योतिषियों की गणना के ऊपर भरोसा न कर अकबर ने सैन्य-परिचालन में देर की। इसी बीच औरंगजेब ने कौशल से उनकी चेष्टा निष्फल कर दी। ...इसी उपन्यास से
- | Author: Bankim Chandra Chattopadhyay
- | Publisher: Prabhakar Prakashan Private Limited
- | Publication Date: May 05, 2025
- | Number of Pages: 00186 pages
- | Binding: Hardback or Cased Book
- | ISBN-10: 9367935714
- | ISBN-13: 9789367935712
- Author:
- Bankim Chandra Chattopadhyay
- Publisher:
- Prabhakar Prakashan Private Limited
- Publication Date:
- May 05, 2025
- Number of pages:
- 00186 pages
- Binding:
- Hardback or Cased Book
- ISBN-10:
- 9367935714
- ISBN-13:
- 9789367935712