''मैं आपको सबसे छोटी, सबसे सीधी राह बताऊँ; आप जानना चाहेंगे? ये है सिर्फ़ अवलोकन करना और फिर वहीं समाप्ति। मतलब कि अवलोकन करना, देखना, ताकि कोई अवलोकनकर्ता, देखने वाला न हो, बगैर उस अतीत के अवलोकन करना। केवल तभी आप भय की उस सकलता को, पूरेपन को देख पाते हैं, और वह खत्म हो जाता है। यह अपरोक्ष, सीधा-सादा है, अगर आप इसे कर पाएँ तो...'' 'जीवन एक अन्वेषण' में जिड्डू कृष्णमूर्ति तथा जीने की कला के सह-अध्येताओं के बीच चौदह सघन संवादों का संचयन है। इन संवादों में ध्यान से सुनने के, आग्रहों और निष्पत्तियों से मुक्त रहने के एवं जीवन के गहरे प्रश्नों तथा व्यापक व नित्यनूतन प्रत्यक्ष बोध की सतत् तहकीकात के पथ-संकेत उजागर होते हैं। ¬जो प्रयोगधर्मी हैं, एवं स्वयं को जानने की प्रक्रियाओं में गहरे पैठना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब अनमोल साबित होगी।
- | Author: J. Krishnamurti
- | Publisher: Rajpal
- | Publication Date: Jun 11, 2018
- | Number of Pages: 306 pages
- | Binding: Paperback or Softback
- | ISBN-10: 938653438X
- | ISBN-13: 9789386534385
- Author:
- J. Krishnamurti
- Publisher:
- Rajpal
- Publication Date:
- Jun 11, 2018
- Number of pages:
- 306 pages
- Binding:
- Paperback or Softback
- ISBN-10:
- 938653438X
- ISBN-13:
- 9789386534385